Rituals & seva
Daily rituals, puja timings, Navratri festivals, and guidelines for devotees at Nagana
Shree Nagnechiya Mata Mandir, Nagana, follows authentic Sanatan traditions for the daily worship of the Goddess. Devotees are welcome to participate in the daily aartis and sponsor special sevas.
| आरती का नाम (Aarti Name) | समय (Timings) | विवरण (Description) |
|---|---|---|
| मंगल आरती (Mangla Aarti) | 6:00 AM | प्रातः काल में माता को जगाने और प्रथम दर्शन की आरती। |
| श्रृंगार आरती (Shringar Aarti) | 8:30 AM | माता का दिव्य स्नान, नवीन वस्त्र एवं श्रृंगार के पश्चात् पूजा। |
| राजभोग व आरती (Rajbhog Aarti) | 12:00 PM | दोपहर में माता को अन्न व मिष्ठान का भोग अर्पण एवं आरती। |
| संध्या आरती (Sandhya Aarti) | 7:00 PM (सूर्यास्त समय) | संध्या काल में तेल व घी के दीपकों के साथ भव्य महा-आरती। |
| शयन आरती (Shayan Aarti) | 8:30 PM | रात्रि में माता के शयन विश्राम की अंतिम आरती। |
महत्वपूर्ण सूचना (Note): ऋतु परिवर्तन (सर्दी/गर्मी) एवं चन्द्र-तिथि चक्र के अनुसार आरती और भोग का समय 15 से 30 मिनट परिवर्तित हो सकता है। विशेष रूप से संध्या आरती सूर्यास्त के समय ही होती है। यात्रा की योजना बनाने से पूर्व समय की पुष्टि हेतु संपर्क करें।
नौ दिनों तक घटस्थापना, अखंड ज्योत, शतचंडी पाठ और नवमी पर विशेष हवन एवं कन्या पूजन।
विशाल धार्मिक आयोजन, गरबा-भजन संध्या, अष्टमी पर छप्पन भोग और विशाल भंडारे का आयोजन।
माता का स्थापना/उत्सव मेला, जहाँ देश भर से विशेष रूप से राठौड़ समाज के श्रद्धालु आते हैं।
वार्षिक भदवा मेला, जिसमें नारियल, लापसी व ध्वजा (निशान) चढ़ाने की प्राचीन परंपरा है।
मंदिर की मर्यादा, पवित्रता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी श्रद्धालुओं से सहयोग की अपेक्षा की जाती है:
मंदिर परिसर में पारंपरिक और मर्यादित वस्त्र ही धारण करें। पाश्चात्य/छोटे वस्त्र पहनकर आने से बचें।
गर्भगृह (Sanctum) में प्रवेश करते समय चमड़े के बेल्ट, पर्स, जैकेट आदि साथ न ले जाएं।
गर्भगृह के भीतर माता की मूर्ति की तस्वीर खींचना सख्त वर्जित है। कृपया फोन का उपयोग न करें।
भीड़ होने पर कतारबद्ध होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करें। वरिष्ठ नागरिकों व बच्चों को प्राथमिकता दें।
मंदिर में प्रतिदिन चलने वाले भंडारे (निःशुल्क भोजन सेवा) और नवरात्रि/मेला आयोजनों के लिए आप भी सहयोग राशि अर्पित कर सकते हैं। अपनी दान राशि की रसीद कार्यालय से अवश्य प्राप्त करें।